श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय, चन्द्रबदनी परिसर (नैखरी), टिहरी गढ़वाल में 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस समारोह हर्षोल्लास, उत्साह एवं देशभक्ति की भावना के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ परिसर निदेशक द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुआ। इसके पश्चात राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत की सामूहिक प्रस्तुति से पूरा परिसर देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत हो उठा।ध्वजारोहण के उपरांत परिसर के विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता का संदेश देते हुए उत्साहपूर्ण रैली निकाली गई। विद्यार्थियों ने विभिन्न देशभक्ति नारों एवं संदेशों के माध्यम से स्वतंत्रता, राष्ट्रीय एकता तथा राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।रैली के पश्चात दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम के औपचारिक सत्र का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर विभिन्न राज्यों की संस्कृति एवं परंपराओं का प्रतिनिधित्व करते हुए विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विविधता को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में डॉ. सरिता, असिस्टेंट प्रोफेसर, हिंदी विभाग ने स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक एवं साहित्यिक संदर्भों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कविता के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय साहित्य एवं संस्कृति में निहित मानवीय मूल्यों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया।बी० ए० की छात्रा कु. खुशबू एवं कु. कनिका ने अपने भाषण के माध्यम से स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए किए गए संघर्ष एवं बलिदानों को स्मरण किया तथा वर्तमान पीढ़ी से स्वतंत्रता के मूल्यों, राष्ट्रीय एकता एवं लोकतांत्रिक आदर्शों को बनाए रखने का आह्वान किया।डॉ. आशुतोष जंगवाण, असिस्टेंट प्रोफेसर, भूगोल विभाग ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता, लोकतंत्र एवं नागरिक दायित्वों के विभिन्न पक्षों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्र के विकास में सक्रिय एवं जिम्मेदार भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि युवा शक्ति देश की प्रगति का महत्वपूर्ण आधार है।डॉ गुरु प्रसाद थपलियाल, असिस्टेंट प्रोफेसर भूगोल द्वारा स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रीय चेतना तथा भारतीय समाज में देशभक्ति की भावना के विकास पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष एवं त्याग से प्रेरणा लेकर राष्ट्रहित में कार्य करने का संदेश दिया गया।इस अवसर पर परिसर निदेशक डॉ महंथ मौर्य जी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग एवं बलिदान से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल अधिकारों का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों एवं उत्तरदायित्वों के निर्वहन का भी संकल्प है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा, अनुशासन, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक जिम्मेदारी के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत बी.ए. तृतीय सेमेस्टर की छात्राओं कु. सुमन एवं कु. दिव्या द्वारा देश के विभिन्न क्षेत्रों की पारंपरिक वेशभूषाओं का प्रदर्शन किया गया। वहीं बी.ए. के छात्र राहुल, कु. गौरी तथा बी.एससी. की छात्रा कु. मोनिका ने देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति देकर समारोह में देशप्रेम की भावना को और प्रबल किया।इन प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की ‘विविधता में एकता’ तथा ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त किया गया।कार्यक्रम के अंत में की संयोजक, सांस्कृतिक समिति द्वारा धन्यवाद ज्ञापित करते हुए परिसर निदेशक, समस्त प्राध्यापकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन डॉ. मोहित उप्रेती, असिस्टेंट प्रोफेसर, समाजशास्त्र विभाग द्वारा किया गया। समारोह का समापन राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक गौरव एवं राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।






